दिल से दिमाग तक..

कुछ बातें समझ में आणे लगी है.. After Engineering.!!

दिल कि कभी मत सुना करों,
पागल बना देता है वो.

हर बार दिल के साथ दर्द और सुकुन कि ही बात करते है.

कभी भी किसी चिज में दिल मत लगाना,
दिमाग से ही लेना.

इस दिल में हि यादें रहती है, जब आती है थोड़ी हसाती है, लेकिन दर्द दे के ही जाती है.
क्योंकी वो पल फिर से नहीं मिल सकता ये बता के जाती है वो यादें.

दिल है तो दर्द ही होता है कहीं पे भी लगावो.
दिल से किये हुये काम से सिर्फ उसी क्षण में ही खुशी मिलती है.

अंतिमतः सोचने के बाद समज में आता है, दिल वाली बातें, चिजे, लम्हें अक्सर दर्द और सिर्फ दर्द ही देती है.!!

#कभी छोड के जाने का दर्द.
#कभी ना मिलने का दर्द.
#कभीं यादों का दर्द.
#कभी किसी बातों का दर्द

सभी प्रकार के दर्द हमेशा दिल में छिपे रहते हैं.
कभी भी बाहर आकर रुला के जाते है.!!

��. दिल कि कभी मत सुनो, दिमाग की ही सुना करों .��

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